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जीते किसान हारी सरकार

 सविता वर्मा 

लखनऊ /इलाहाबाद , दिसंबर । इलाहाबाद हाई कोर्ट ने आज दादरी पावे प्रोजेक्ट के लिए अधिग्रहित की गई जमीन किसानो को वापस देने का आदेश दिया है । इस ऐतहासिक फैसले के दूरगामी नतीजे निकलेंगे ।मुलायम सिंह के राज में दादरी के किसानो की २५०० एकड़ जमीन रिलायंस की बिजली परियोजना के लिए १२० रुपये प्रति वर्ग मीटर  के भाव ली गई थी।इस पर किसानो ने विरोध किया और बाद में पूर्व प्रधानमंत्री विश्वनाथ प्रताप सिंह के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में बड़ा किसान आन्दोलन  किसान मंच के बैनर तले हुआ। उसी आंदोलन  के चलते मुलायम सिंह की सरकार चली गई थी । आज फैसला आते ही दादरी में किसानो ने पटाखे छुडाये और मिठाइयां बाटी ।किसान मंच के संयोजक विनोद सिंह और महासचिव प्रताप गोस्वामी ने जनादेश से कहा -आज सभी किसान वीपी सिंह को याद कर रहे है जिहोने सड़क से लेकर हाई कोर्ट तक लड़ाई लड़ी और हम सब जीते । अब १३दिसंबर को दादरी में किसान पंचायत बुलाई गई है ,जिसमे आगे  की योजना बनेगी  । 
आज इलाहाबाद हाई कोर्ट में जस्टिस अशोक भूषण और जस्टिस सुधीर अग्रवाल की खंडपीठ ने यह ऐतिहासिक फैसला दिया ।अदालत ने भूमि अधिग्रहण कानून १८९४ के तहत धरा ४ की उस नोटिस को ही रद्द कर दिया जिसके जरिये किसानो की जमीन ली गई थी ।अब अधिग्रहण के लिए किसानो से नए सिरे से आपत्तियां मांगी जाएँगी  । साथ ही किसानो ने  जमीन के बदले जो पैसा लिया था वह वापस कर नए सिरे से मांग कर सकते है । किसान मंच का दावा है अब दादरी के किसान १००० रुपये से कम कीमत पर बात ही नहीं करेंगे । इस इलाके में बाज़ार दर पंद्रह हजार रुपये मीटर है । 
इस मुद्दे पर वीपी सिंह के साथ अभनेता राजबब्बर ने देवरिया से दादरी तक हजार किलोमीटर की रथयात्रा कर किसानो को लामबंद किया था  । वीपी सिंह के निधन के बाद बुजुर्ग नेता एबी वर्धन ने इस आन्दोलन का नेतृत्व किया  । इन सभी लोगो को १३ की किसान पंचायत में बुलाया जा रहा है  । 
 
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