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जहरीली हवा को और कितना बारूद चाहिए ? इलाहाबाद विश्विद्यालय में समाजवादी झंडा लहराया जांच पर ही उठा सवाल लॉस वेगास में सिमटी सारी दुनिया
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जहां पत्रकारिता एक आदर्श है
जहां

विवेक सक्सेना

पत्रकारिता करते पूरा जीवन बीत गया लेकिन आज भी अगर कोई पूछे कि मेरा आदर्श कौन है तो उलझन में पड़ना तय है. वजह यह कि हिंदी पत्रकारिता के जिन नामचीन लोगों के साथ मुझे काम करने का मौका मि    विस्तृत....

जहरीली हवा को और कितना बारूद चाहिए ?
जहरीली

अंबरीश कुमार
 सुप्रीम कोर्ट ने एनसीआर में पटाखों की बिक्री को लेकर जो आदेश दिया उससे एक बहस तो शुरू हो गई है । पर इस बहस की दिशा हवा के रुख की तरह बदल गई है । वैसे ही जैसे सोनभद्र की प्रदूषित हवा का रुख जब बदलता है तो खामियाजा बनारस को भुगतना पड़ता है । बहस के केंद्र में जहरीली हवा नहीं बारूद  विस्तृत....

जनादेश-2017
दो रोटी और एक गिलास पानी !
दो
मदन गोपाल 
एक अख़बार था इलाहाबाद का 'स्वराज्य '.इसमें लिखने वालों में ग़दर पार्टी के लाला हरदयाल भी थे .गणेश शंकर विद्यार्थी भी इसमें काम करते थे जिन्होंने बाद  विस्तृत....
इलाहाबाद विश्विद्यालय में समाजवादी झंडा लहराया
इलाहाबाद

 इलाहाबाद.सत्तारूढ़ भाजपा सरकार की सारी कोशिशों के बावजूद इलाहाबाद विश्विद्यालय छात्र संघ में समाजवादी झंडा लहराया है .बनारस हिंदू विश्विद्यालय में कुलपति त्रिपाठी ने जिस तरह की हेकड़ी छात्रों पर दिखाई थी उसका भी ठीक ठाक असर दिखा है .समाजवादी छात्र सभा ने इस चुना  विस्तृत....

जांच पर ही उठा सवाल
जांच

आशा त्रिपाठी
यही होता है। जब मामला समझ में नहीं आता अथवा उलझन जब सुलझती नहीं तो ‘गेम ओवर’ कर दिया जाता है। यह मान लिया जाता है ज्यादा माथापच्ची से कुछ होने वाला नहीं है। शायद, आरुषि तलवार मर्डर मिस्ट्री में आए फैसले यही संकेत कर रहे हैं। अब तयशुदा जैसा प  विस्तृत....

इसलिए लोकनायक की होर्डिंग हटा दी !
इसलिए

धीरेंद्र श्रीवास्तव 

लखनऊ।लखनऊ नगर निगम ने हटाया लोकनायक जयप्रकाश नारायण के जयन्ती समारोह 2017 की होर्डिंग्स को हटवा दिया है .यह काम भाजपा अध्यक्ष अमित के चलते हुआ है ।
फिर एक जेपी की जरूरत है
फिर

 सुनीलम
देश में अघोषित आपातकाल लगा हुआ है। सत्ता को चुनौती देने वालों को चुन-चुन कर निशाना बनाया जा रहा है। स्थिति आपातकाल से भी बदतर है। तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने आपातकाल अपनी सत्ता को कायम रखने के लिए इस्तेमाल किया था। अदालत का फैसला इंदिरा गांधी   विस्तृत....

' लोग मेरी बात सुनेंगे, मेरे मरने के बाद '
 लोग मेरी बात सुनेंगे, मेरे मरने के बाद

 सुनीलम

डॉ राममनोहर लोहिया का जन्म 23 मार्च 1910 को सरयू के तट पर अकबरपुर में हुआ था। पिता अध्यापक हीरालाल, अयोध्या के तथा माता चंदा देवी, मिथिला की थीं। ढाई बरस की उम्र में ही मां की मृत्यु हो गयी। पिता ने   विस्तृत....

आजादी की लड़ाई का वह अनोखा प्रयोग
आजादी

अरविंद मोहन

यह चंपारण सत्याग्रह का सौवां साल है. इस अवसर को जिस तरह याद करना चाहिये वह कहीँ दिखाई नहीं दे रहा है. यह तो मुल्क ही गांधी का माना जाता है इसलिये यह गिनवाने का कोई मतलब नहीं है कि सरकार या गांधी का ना  विस्तृत....

पर्यावरण
जहां नदी लगती है यमुना
जहां
अंबरीश कुमार 
कांदिखाल से करीब चालीस मिनट में हम यमुना पुल तक पहुंच गये .आगे चकराता के रास्ते पर जाना था .कुछ दूरी के बाद ही हिमाचल की सीमा आ जाती है .यमुना पुल से पहले यमुना का विहंगम द  विस्तृत....
पर्यटन
लॉस वेगास में सिमटी सारी दुनिया
लॉस

स्वाति तिवारी 

बस जीवन में एक बार असली टेबल पर पोकर खेल लिया और बन गयी जुआरी. जीतने का दांव कृत और हारने का दांव कलि कहलाता   विस्तृत....
कला/सिनेमा
दरवाजे पर हॉलीवुड
दरवाजे

हरि मृदुल

वाकई फिल्मी परिदृश्य तेजी से बदल रहा है. हॉलीवुड ने हिंदुस्तान में अपने लिए बड़ी संभावनायें तलाश करनी   विस्तृत....
राजनीति
सोशल मीडिया के मूर्ख ......
सोशल

हरि शंकर व्यास

इसलिए कि मुझे नया इंडिया को हल्का, बेरंग बनाना पड़ा है  विस्तृत....
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