ताजा खबर
ये वीआईएफ क्या है मंगारा गांव के अच्छे दिन कब आएगें? समता विचार केंद्र शुरू वे इंटरव्यू लेने नहीं देने गए थे
Election
उत्तर भारत पूर्वोत्तर भारत दक्षिण भारत
राख में बदलती जिन्दगी
राख

संजीत त्रिपाठी

रायपुर। बिजली घर आज के समय में कितने जरुरी हैं, यह बताने की जरुरत नहीं लेकिन इन बिजली घरों से निकलने वाली राख अब न केवल प्    विस्तृत....

ये वीआईएफ क्या है
ये

बृजेश सिंह 

नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद एक संस्था बेहद तेजी से चर्चा में आई है. नाम है विवेकानंद इंटरनेशनल फाउंडेशन (वीआईएफ). दिल्ली के चाणक्यपुरी इलाके में स्थित यह थिंक टैंक (विचार समूह) वैसे तो 2009 से ही सक्रिय था लेकिन इसके बारे में कहीं कोई खास चर्  विस्तृत....

जनादेश-2014
ऐसे हुई एक नदी की मौत
ऐसे

अंबरीश कुमार 

नैनीताल । पहाड़ की एक नदी ने दम तोड़ दिया है । यह किसी के लिए खबर भी नहीं बन पाई यह इसका दुर्भाग्यपूर्ण पहलू है । यह नदी  विस्तृत....
मंगारा गांव के अच्छे दिन कब आएगें?
मंगारा

 सुनीलम्

आजादी मिले 68 साल हो गये, लोकसभा के 16 चुनाव हो चुके है तथा मध्यप्रदेष विधानसभा के भी 14 बार चुनाव हो चुके है। मतदाताओं नें 68 वर्षो में कई बार सरकारे बदलीं, विधायक सांसद बदले, मुख्यमंत्री, प्रधानमं  विस्तृत....

समता विचार केंद्र शुरू
समता

करीब तीस साल बाद आज लखनऊ में फिर से विचार केंद्र शुरू हुआ .जगह की वजह से सिर्फ पंद्रह लोग आमंत्रित थे जिसमे आधे नौजवान थे .नदी जोड़ योजना पर वीके जोशी का आख्यान हुआ तो राजीव ने तीस साल पहले के विचार केंद्र का सक्षिप्त इतिहास बताया .पहली बैठक में निजी हैसियत में समाजवाद  विस्तृत....

वे इंटरव्यू लेने नहीं देने गए थे
वे

अंबरीश कुमार 
नई दिल्ली  । राजनैतिक जनसंपर्क के महारथी पत्रकार वेद प्रताप वैदिक सिर्फ मोदी की छवि बनाने के चक्कर में फंस गए है । अगर वे पकिस्तान सिर्फ हाफिज सईद का इंटरव्यू लेने गए होते तो इतना  विस्तृत....

लखनऊ में लोग आर्सेनिक पी रहे
लखनऊ

वीके जोशी

लखनऊ .इसमें कोई दो राय नहीं कि गोमती का जल बुरी तरह प्रदूषित हो चुका है. इस प्रदूषण में हमारा बहुत बड़ा हाथ है. पर पिछले पांच वर्षों से लगातार गोमती एवं भूजल पर शोध कर रहे लखनऊ यूनीवर्सिटी’ के &lsq  विस्तृत....

इस गाँव में मुसलमान नहीं रहेगा !
इस

महरुद्दीन खान 

दादरी । काफी सोच विचार के बाद तय किया की जो हमारे परिवार के साथ हो रहा है सब लिख ही दिया जाए। अब लग यही रहा है की गांव छोड़ना ही पड़ेगा क्योंकि गावं के कुछ साम्प्रदायिक और अपराधी तत्वों ने घोषणा  विस्तृत....

कुबेरों को भाने लगा वृन्दावन
कुबेरों

 अशोक बंसल 

कहावत है ''जहाँ न पहुंचे रवि वहां पहुंचे कवि ''. यह उक्ति कवि की कल्पना की ताकत को बताने  के लिए गढ़ी गई थी  . लेकिन वैश्वीकरण के इस युग में ऊंची ऊंची अट्टालिकाएं खड़ी कर गुणात्मक गत  विस्तृत....

पर्यावरण
विकास की दौड़ में खो गया बंगलूर
विकास
शिप्रा शुक्ला 
आधुनिकीकरण और शहरीकरण की दौड़ में पुराना बंगलौर कहीँ गुम हो गया दीखता है। चौड़ी चौड़ी सड़के, हरे भरे उद्यान आज जै  विस्तृत....
पर्यटन
महेशखान के घने जंगल में
महेशखान
अंबरीश कुमार 
महेशखान का जंगल वाकई जंगल लगता है ।इस तरह के जंगल देश में अब कम ही बचे है । रामगढ़ से करी  विस्तृत....
कला/सिनेमा
फिल्मकार बनने का सफर
फिल्मकार

डा.अशोक बंसल 

   एक बेलदार से फोटोग्राफर और  फिल्मकार का सफर तय करने वाले  अड़तीस साल क  विस्तृत....
राजनीति
बुधुआ के घर में त्यौहार
बुधुआ

शिप्रा शुक्ला 

तमिलनाडु। आज बुधुआ के घर में त्यौहार जैसा माहोल है, ये उसका असली नाम नहीं, जाहिर है तमि  विस्तृत....
Onlinenewspapers - the worlds 

largest online newspaper directory
Copyright @ 2008-09 All Right Reserved By Janadesh
Designed and Maintened by eMag Technologies Pvt. Ltd.