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लेकिन नीतीश की नीयत पर सवाल

फ़ज़ल इमाम मल्लिक

पटना .अड़तालिस घंटा पहले बिहार के मुख्यमंत्री नीतश कुमार अपनी समाज कल्याण मंत्री मंजू वर्मा का बचाव करने में कोताही नहीं कर रहे थे. पत्रकारों के सवाल के जवाब में उन्होंने साफ कहा था कि मंजू वर्मा ने सफाई दे दी है और उनके जवाब से मैं संतुष्ट हूं. उनके इस्तीफे का सवाल ही नहीं उठता लेकिन अड़तालिस घंटे बाद मंजू वर्मा अब पूर्व मंत्री हो गई हैं. उन्होंने अपने पद से इस्तीफा दे दिया. मुजफ्फरपुर बालिका गृह यौन शोषण कांड में रोज नई बातें सामने आ रही हैं. राज्य की नीतीश कुमार की सरकार पर सवाल तो उठ रहे ही हैं. भारतीय जनता पार्टी की चुप्पी पर भी सवाल उठ रहे हैं. भाजपा और जदयू की सरकार की दुनिया भर में किरकिरी हो रही है. नीतीश कुमार लंबे समय तक चुप रहे और अपने मंत्री को बचाने की कोशिश करते रहे. भाजपा नेता और उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी भी इस मामले में मुंह खोलने से बचते रहे. लेकिन बहुत फजीहत के बाद आखिरकार बिहार की समाज कल्याण मंत्री मंजू वर्मा ने बुधवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया. हालांकि पहले इस मामले में अपना और अपने पति का नाम आने के बाद मंजू वर्मा ने कहा था कि आरोप जबतक सिद्ध नहीं होता मैं इस्तीफा नहीं दूंगी. 
लेकिन ब्रजेश ठाकुर के मोबाइल फोन की काल डिटेल ने मंजू वर्मा की परेशानी बढ़ी दी थी. सीबीआई ने ब्रजेश ठाकुर के काल डिटेल की जानकारी ली तो पता चला कि मंजू वर्मा और उनके पति का बालिका गृह यौनशोषण मामले के आरोपी ब्रजेश ठाकुर से बातचीत होती थी. मंजू वर्मा के पति चंद्रेश्वर वर्मा पर बालिका गृह जाने का आरोप लगा था. ठाकुर और वर्मा के बीच सत्रह बार बात होने की बात काल डिटेल से सामने आई है. यह बात सामने आने के बाद नीतीश कुमार की परेशानी भी बढ़ी. इसके बाद ही मंत्री ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मिलकर उन्हें अपना इस्तीफा सौंपा. विपक्ष बालिका गृह यौन शोषण मामले में मंत्री मंजू वर्मा के इस्तीफे की मांग लगातार कर रही थीं. इस्तीफे के बाद मंजू वर्मा ने कहा कि मैंने स्वेच्छा से अपना इस्तीफा दिया है और मैं फिर कह रही हूं कि मेरे पति निर्दोष हैं. मैं पहले भी कह चुकी हूं कि मैं बिहार का राजनीतिक चेहरा हूं. मैं जिस पद पर हूं उसे लेकर ब्रजेश से बातचीत होती थी. ब्रजेश ठाकुर की मेरे पति से भी बात होती थी. लेकिन यह कौन जानता था कि वह बालिका गृह में क्या करता था?
उन्होंने कहा कि जब यह बात सामने आई कि ब्रजेश ठाकुर से मेरे पति की जनवरी से मई तक 17 बार बात हुई है तो इसे तूल दिया जा रहा था. इसी को अपने इस्तीफे की वजह बताया मंजू वर्मा ने.
मंजू वर्मा ने कहा कि मैं पटना हाईकोर्ट और सीबीआइ से यह मांग करती हूं कि ब्रजेश ठाकुर के साथ इस मामले में कौन-कौन राजनेता शामिल हैं और किन अधिकारियों से उसकी बात होती थी. सबका कॉल डिटेल सीबीआइ को निकालना चाहिए और पटना हाईकोर्ट को भी उस सीडीआर को देखना चाहिए कि ब्रजेश ठाकुर के किस-किस से संबंध थे. सीडीआर को सार्वजनिक करना चाहिए और जिससे भी ब्रजेश ठाकुर ने बात किया है सबपर कार्रवाई की जाए. सीबीआइ जांच में ब्रजेश के कॉल डिटेल्स खंगालने के बाद यह बात सामने आई थी कि मंजू वर्मा की ब्रजेश ठाकुर से बात होती थी. तब मंजू वर्मा ने इस बात को स्वीकारा था कि उनकी बालिका गृह मामले के मुख्य आरोपी ब्रजेश ठाकुर से बात होती थी. लेकिन बात सिर्फ विभागीय होती थी. कभी-कभी उनके पति भी कॉल रिसीव करते थे. यह बात सामने आने के बाद बिहार की समाज कल्याण मंत्री मंजू वर्मा पर इस्तीफे की तलवार लटक रही थी और विपक्ष लगातार उनपर हमलावर था. हालांकि मुख्यमंत्री नीतीश ने सोमवार को कहा था कि किसी को अकारण जिम्मेदार ठहराकर इस्तीफ़ा कैसे लिया जा सकता है. 
समाज कल्याण मंत्री मंजू वर्मा के पति पर आरोप लगा है कि वह बालिका गृह में अक्सर जाता था और बच्चियां उन्हें पेट वाले अंकल के नाम से जानती थीं. बच्चियों ने भी बताया कि पेट वाले अंकल आते थे. आरोप लगने के बाद मंत्री मंजू वर्मा ने इस बात से इनकार किया और कहा कि मेरे पति मेरे साथ एक बार गए थे. उन्होंने कहा कि आरोप सिद्ध हो गया तो इस्तीफा दे दूंगी. बालिका गृह के सीपीओ रवि कुमार रौशन की पत्नी ने बड़ा आरोप लगाते हुए पूछा था कि समाज कल्याण विभाग की मंत्री मंजू वर्मा के पति चंद्रेश्वर वर्मा बालिका गृह में अपने साथ जानेवाले अधिकारियों को बाहर छोड़ कर उसके भीतर क्या करने जाते थे. वहां की लड़कियां उन्हें ‘नेताजी’ के तौर जानती थीं. 
मुजफ्फरपुर स्थित साहू रोड स्थित बालिका गृह में 42 बच्चियों में से 34 बच्चियों के साथ दुष्कर्म की घटना की पुष्टि के बाद से ही नीतीश कुमार बैकपुट पर थी. नीतीश से लेकर मोदी तक मंत्री का बचाव करते नजर आए. लेकिन अकेले मंजू वर्मा ही क्यों, नगर विकास मंत्री सुरेश शर्मा पर भी आरोप लग रहे हैं. शर्मा भाजपा कोटे से मंत्री हैं. बच्चियों के शोषण की आग शर्मा के दामन तक भी पहुंचा है लेकिन नीतीश कुमार उनका भी बचाव कर रहे हैं. मंजू वर्मा के इस्तीफे के बाद विपक्ष सरकार पर और भी हमलावर हो गया है. अब नीतीश पर इस्तीफे का दबाव बनाया जा रहा है. मंत्री के इस्तीफे के बाद राजनीतिक गलियारे में बयानबाजी तेज है. मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर विपक्ष लगातार राज्य की एनडीए सरकार पर हमलावर था. तेज प्रताप ने मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए ट्वीट किया कि छोटी मछली को आगे कर नीतीश कुमार अपनी कुर्सी बचा रहे हैं. मंत्री मंजू वर्मा के इस्तीफे पर पूर्व स्पीकर उदय नारायण चौधरी ने कहा कि मंजू वर्मा ही नहीं मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी इस्तीफा दें. वहीं कांग्रेस के प्रवक्ता प्रेमचंद्र मिश्रा ने कहा कि विपक्ष के दबाव कारण ही मंजू वर्मा ने इस्तीफा दिया है.उन्होंने कहा कि मंजू वर्मा के साथ ही मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को भी इस्तीफा देना चाहिए था. मंजू वर्मा के इस्तीफे के बाद भी मामला शांत हो जाएगा लगता तो नहीं है. मामला अभी और तूल पकड़ेगा.
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