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छतीसगढ़ में जोगी की जमीन खिसकी ! कांग्रेस की सरकार बनने का इंतजार ! एमपी में कहीं बागी न बिगाड़ दें खेल नोटबंदी ने तो अर्थव्यवस्था का बाजा बजा दिया
और बांग्लादेश वाले मुख्यमंत्री का क्या करेंगे

संजय कुमार सिंह 

नई दिल्ली .त्रिपुरा विधानसभा में इस बार भारतीय जनता पार्टी को भरपूर समर्थन मिला है. 60 सीट वाली विधानसभा में पार्टी का एक भी सदस्य नहीं था और पांच साल पहले हुए चुनाव में इसे सिर्फ 1.5 प्रतिशत वोट मिले थे. इस बार भाजपा और इसके अलायंस पार्टनर इंडीजनस (स्थानीय) पीपुल्स फ्रंट ऑफ त्रिपुरा (आईपीएफटी) को 43 सीटें मिलीं. फरवरी में हुए विधानसभा चुनाव में बहुमत हासिल करने के बाद भाजपा ने बिप्लब कुमार देब को मुख्यमंत्री बनाया है. बिप्लब अभी तक अपनी विद्वतापूर्ण बातों के लिए जाने जाते हैं अब आप यह भी जान लीजिए कि लगभग 47 साल के बिप्लब के माता पिता की जड़ें बांग्लादेश के चांदपुर स्थित कचुआ जिले में हैं या वे वहां के रहने वाले थे.
 
बिप्लब के पिता दिवंगत हिरुधन देब उपजिला के सोहेदपुर पुरबो यूनियन के तहत मेघदैर गांव के थे. अपनी पत्नी मीना रान देब के साथ वे 1971 के युद्ध के समय त्रिपुरा आए थे. बिप्लब का जन्म भारत में हुआ था लेकिन परिवार जब बांग्लादेश में था तभी उनकी मां गर्भवती हुई थीं. बाद में यह परिवार भारत में बस गया. यह जानकारी और किसी ने नहीं बिप्लब के चाचा प्रंधन देब ने ही सार्वजनिक की है और विप्लब के मुख्यमंत्री होने का निर्णय हुआ था तभी यह खबर बांग्लादेश के ढाका ट्रिब्यून में प्रकाशित हुई थी. विकीपीडिया के मुताबिक विप्लब की जन्म तिथि 25 नवंबर 1971 है. वे 7 जनवरी 2016 से त्रिपुरा भाजपा के अध्यक्ष हैं. विप्लब बांग्लादेशी घुसपैठिया नहीं हैं और विप्लव ने कहा है कि त्रिपुरा के लिए एनआरसी की जरूरत नहीं है और भाजपा अध्यक्ष ने कहा है कि जो एनआरसी में नहीं हैं वे बांग्लादेशी घुसपैठिए हैं. 
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  • एमपी में कहीं बागी न बिगाड़ दें खेल
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