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हिंदी अखबारों का ये कैसा दौर एक लेखक का इंसान होना तो यूपी का पानी पी जाएगा पेप्सी कोला ! विध्वंसकों ने रघुकुल की रीत पर कालिख पोत दी
गुजरात में एक नेता का उदय

अंबरीश कुमार 

गुजरात चुनाव को लेकर आम तौर पर सत्तारूढ़ दल समर्थकों का एक ही आरोप सामने आता है कि कांग्रेस का इस चुनाव में कोई चेहरा नहीं है .पर रोचक यह है कि कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी की चुनावी रणनीति से गुजरात में जो नौजवान नेतृत्व की तिकड़ी उभरी है वह भविष्य की राजनीति का चेहरा है .भले चुनाव कोई जीते या हारे .इस चुनाव में हार्दिक पटेल ,अल्पेश और जिग्नेश की जो नई तिकड़ी उभरी है वह भाजपा के लिए खतरे की घंटी है .इन तीनो में सबसे बड़ा जनाधार हार्दिक पटेल का है जो अभी पच्चीस साल के भी नहीं हुए है .राहुल गांधी हार्दिक पटेल ,जिग्नेश और अल्पेश की चुनौती के चलते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी न सिर्फ विकास का एजंडा भूल गए है बल्कि गुजरात माडल का नाम भी नहीं ले रहे .यह राहुल गांधी और उनकी तिकड़ी का ही कमाल है कि मोदी प्रचार में विकास का मूल एजंडा भूल भावनात्मक मुद्दे उछल रहे हैं .कभी नीच का मुद्दा उठाते हैं तो कभी मुग़ल और पकिस्तान का .मणिशंकर अय्यर की क्या राजनैतिक हैसियत है जिसके कहे को लेकर मोदी गांव गांव झूठ तक बोल रहे है .
राहुल गांधी और उनकी नौजवान तिकड़ी का राजनैतिक हमला बहुत सधा हुआ है .इसमें हार्दिक पटेल का तेवर सबसे ज्यादा आक्रामक है .हार्दिक पटेल इस समय सबसे ज्यादा चर्चा में भी हैं . पिछले दस दिन में पाटीदार नेता हार्दिक पटेल की सभाओं में उमड़ती भीड़ और उनके राजनैतिक हमले से भाजपा नेता सकते में है .गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रुपानी के विधान सभा क्षेत्र राजकोट में हार्दिक पटेल ने कहा कि हम अटल जी की भाजपा में थे,हम केशुभाई की भाजपा में थे,हम काशीराम राणा की भाजपा में थे,हम किसानों की भाजपा में थे,लेकिन अमित शाह जैसे तानाशाह की भाजपा में हम नहीं हैं,उद्योगपति की चापलूसी करने वाले नेता की भाजपा हम नहीं हैं.हार्दिक पटेल ने इस मौके पर कहा , गुजरात मांगे आजादी ,अमित शाह की तानाशाही से आजादी .सूरत में आरक्षण और बेरोज़गारी के मुद्दे के साथ १४ किलोमीटर की जन क्रांति महारेली में जुड़े तो दो लाख से ज़्यादा लोग शामिल हुए तो रात की सभा में भीड़ देख कर सभी हैरान थे
इसी तरह जूनागढ़ में विजय संग्राम महा सम्मलेन में नौजवानों की भारी भीड़ नजर आई .गिर सोमनाथ जिले से लेकर अमरेली जिले के वड़ीया से कूकावाव की जन जागृति अभियान रेली में में भी नौजवानों की भारी भीड़ ने लोगों को चौंकाया .अमरेली में हार्दिक पटेल ने नारा दिया , गांव गांव का नारा है ,भाजपा को हटाना है .इसी तरह अमदाबाद के धोलका ब्लाक में आठ दिसंबर को आयोजित एक जनसभा में हार्दिक पटेल ने कहा कि आज हमारे प्रधानमंत्री विकास के नाम पर वोट नहीं मांग रहें,गुजरात के बेटे होने के नाते वोट मांग रहे हैं. मै पूछना चाहता हूं कि पटेल और दलित युवाओं की हत्या करते वक़्त याद नहीं आया की यह भी गुजरात के बेटे हैं. यह हार्दिक पटेल की राजनैतिक शैली है .वे मोदी और शाह पर खुला हमला कर उन्हें चुनौती दे रहे हैं .हार्दिक सत्तारूढ़ दल के टकराव के चलते गुजरात से बाहर भी भेजे गए तो जेल भी गए .पर इस सबसे वे काफी परिपक्व होकर उभरे हैं और नौजवानों के बीच लोकप्रिय भी है .राहुल गांधी का राजनैतिक कौशल यह भी रहा कि वे गुजरात के तीनो जुझारू नेताओं को एक मंच पर लाकर मोदी के खिलाफ मोर्चा खोले हुए है .
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