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साफ़ हवा के लिए बने कानून नेहरू से कौन डरता है? चालीस साल पुराना मुकदमा ,और गवाह स्वर्गवासी चार दशक बाद समाजवादी चंचल फिर जेल में
कांग्रेस की चौकड़ी से भड़के कार्यकर्त्ता

लखनऊ .कांग्रेस में जूतमपैजार और तेज हो गई है .सभासदी के चुनाव को लेकर महाभारत तो हर दल में मची हुई है पर कांग्रेस में तो मारपीट हिंसा का दौर चल रहा है .कल लखनऊ के सभासदों  की सूची जारी होने के बाद गुस्साए कार्यकर्ताओं  ने प्रदेश कार्यालय में खडी प्रदेश अध्यक्ष राजबब्बर की गाडी भी तोड डाली.जमीनी कार्यकर्ताओं में अपनी उपेक्षा को लेकर रोष लगातार बढ रहा है .प्रदेश अध्यक्ष को अपने घेरे में  लिए चार लोगों की चौकडी अब कार्यकर्ताओं के निशाने पर है . आरोप है कि सारे टिकट इन चार लोगों  ने तय किए है जिन्हें  राजनीति का ककहरा भी नहीं  आता.कांग्रेस के एक नेता ने नाम न देने की शर्त पर कहा , इस चौकडी मेँ शामिल हैं श्रोत गुप्ता , सुनीलसिंह  , आरपी सिंह  और शिव पांडे . पांचवां  नाम दरबारी का भी है जिन्हें  कोषाध्यक्ष बनाया गया है . सुनील सिंह  के बारे में  कहा जाता है कि ये सहारा श्री के प्रति  प्रतिबद्ध रहे हैं जिन्हें राजबब्बर के साथ रखा गया है .इससे पहले शनिवार को भी 

कांग्रेस दफ्तर में  मारपीटहो चुकी है .पिहानी के  एक अल्पसंख्यक  नेता को प्रदेश अध्यक्ष के करीबी लोगों ने इतना पीटा कि वह अस्पताल पहुंच गया .कांग्रेस में एक बार फिर गुटबाजी तेज हो गई है और आरोप प्रत्यारोप का दौर जारी है .अब निशाने पर राजबब्बर और उनके करीबी हैं.
हालांकि निकाय चुनाव में कांग्रेस या सपा बसपा से ज्यादा मजबूत भाजपा है .बूथ स्तर पर भाजपा का नेटवर्क चाक चौबंद है .ऐसे में विपक्षी दलों में टिकटों के लिए शुरू हुई मारामारी से विपक्ष का और नुकसान तय है .कल समाजवादी पार्टी में भी काफी हंगामा हुआ .टिकट किसी को दिया तो सिंबल किसी और को .
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