आलोक तोमर
नई दिल्ली, फरवरी- हद है। माओवादी और मोस्ट वांटेड आतंकवादी किशन जी ने पूरे देश के सामने अपना मोबाइल नंबर सार्वजनिक कर के भारत के गृह मंत्री पी चिदंबरम को आदेश दिया है कि उनसे बात करे। इसके पहले चिदंबरम ने माओवादियों को बातचीत की शर्तों के लिए अपना फैक्स नंबर दिया था।
दस लाख रुपए इस माओवादी कातिल का मोबाइल नंबर है -9734695789। अपराध अनुसंधान की तमाम तकनीकों के बावजूद सुरक्षा बल इस मोबाइल का ठिकाना पता नहीं लगा सकते हैं। घंटी बजाने पर ही ऑन मिलता है। हो सकता है कि जिस मोबाइल में यह सिम कार्ड डाला गया हो वह बगैर आईएमईआई नंबर का चीनी मोबाइल फोन हो और खोजा नहीं जा पा रहा हो। मगर यह सुरक्षा बलों का हारा हुआ तर्क है।
अब तक भारत सरकार और सुरक्षा बल भी समझ चुके हैं कि माओवादी ऑपरेशन ग्रीन हंट का सामना करने के लिए ज्यादा से ज्यादा वक्त चाहते हैं और इसीलिए संघर्ष विराम की बात कर रहे हैं और शर्तों और संपर्कों के बहाने वक्त आगे खींचना चाहते हैं। इसी नंबर पर कल देर रात किशन जी से बात हुई तो इतना तो पता लग गया कि कॉल डाइवर्ट कर के रखा गया है। हो सकता है कि मोबाइल जहां हो वहां से किशन जी कई सौ किलोमीटर की दूरी पर हो।
फिर भी अगर मोबाइल का ठिकाना पता लग जाता तो वहां से किशन जी की उपस्थिति का भी पता लगाया जा सकता था मगर किशन जी कई बार सुरक्षा बलों की जानकारी में घूमता फिरता है, पत्रकारो से बात करता है और अखबारों और समाचार एजेंसियों को फोन भी करता है। पकड़ना होता तो अब तक पकड़ लिया जाता। शिबू सोरेन और बुध्ददेव भट्टाचार्य दोनों ही किशन जी के शुभचिंतक नजर आते हैं और रमन सिंह के छत्तीसगढ़ में वह पांव रखता नहीं है।
माओवादी नेता किशनजी ने मंगलवार को फिर अपनी बात कही। अज्ञात स्थान से फोन के जरिए उसने कहा कि केंद्र सरकार संघर्ष विराम की घोषणा करे, जिससे वार्ता के लिए माहौल बन सके। किशनजी ने माओवादियों से बातचीत के लिए एक मोबाइल नंबर भी मीडिया को दिया। इस नंबर पर केंद्रीय गृह मंत्री पी। चिदंबरम को बात करने के लिए कहा गया है।
किशनजी ने कहा कि गृह मंत्रालय संघर्ष विराम की पहल करे और इस बाबत एक लिखित वक्तव्य मीडिया को जारी करे। इन दोनों का परीक्षण करने के बाद माओवादी फैक्स के जरिए प्रधानमंत्री और केंद्रीय गृह मंत्री को अपना जवाब भेजेंगे। किशनजी ने मोबाइल नंबर- 9734695789 देकर कहा है कि केंद्रीय गृह मंत्री पी। चिदंबरम 25 फरवरी को शाम पांच बजे हमसे बात कर सकते हैं। हम उनकी हर बात का जवाब देंगे। चिदंबरम के हिंसा छोड़कर बात करने संबंधी प्रस्ताव पर किशनजी ने कहा कि वह स्पष्ट नहीं है।
उसने कहा कि गृह मंत्री ने हमसे 72 घंटे में हिंसा छोड़ने की अपील की है लेकिन अगर केंद्र सरकार सहयोग के लिए तैयार हो, तो हम 72 दिनों के लिए हिंसा छोड़ने के लिए तैयार हैं। इससे पहले मंगलवार को दिन में किशनजी के सोमवार के प्रस्ताव पर केंद्रीय गृह मंत्री चिदंबरम ने कहा कि हमें कोई अगर-मगर या शर्त नहीं चाहिए, हम बिना शर्त वार्ता चाहते हैं।
72 दिनों के सशर्त संघर्ष विराम की पेशकश के महज कुछ घंटे बाद ही माओवादियों ने पश्चिमी मेदिनीपुर जिले में सुरक्षाबलों के कांटापहाड़ी शिविर पर हमला कर दिया। इस हमले में एक व्यक्ति की मौत हो गई। यह हमला सोमवार को देर रात किया गया। कांटापहाड़ी क्षेत्र माओवादियों का गढ़ माना जाता है।
जिले के पुलिस अधीक्षक मनोज वर्मा ने बताया कि माओवादी समर्थित पीपुल्स कमेटी अगेंस्ट पुलिस एट्रोसिटीज [पीसीपीए] के सदस्य सोमवार रात सुरक्षाबलों के कांटापहाड़ी शिविर के पास एकत्रित हुए और गोलीबारी कर जवानों को चुनौती दी। जवानों की जवाबी कार्रवाई में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जिसे पीसीपीए का सदस्य माना जा रहा है। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि माओवादियों व पीसीपीए के सदस्यों की निश्चित रूप से कांटापहाड़ी शिविर पर हमले की योजना थी लेकिन जवानों की सतर्कता ने उसे विफल कर दिया।
उन्होंने बताया कि इलाके में और सुरक्षा बलों को भेजा गया है। अपुष्ट जानकारी के मुताबिक मारे गए व्यक्ति की पहचान लालमोहन टुडू के रूप में की गई है, जो पीसीपीए का कार्यकर्ता है। उल्लेखनीय है कि यह हमला माओवादियों की सशर्त संघर्ष विराम की पेशकश के कुछ घंटे बाद हुआ, जिसमें उन्होंने सरकार से 72 दिनों तक अक्रामक अभियान रोकने की बात कहकर वार्ता करने की इच्छा जताई गई थी।