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राहुल श्रीनगर चलें- ठाकरे

 किरण तारे

मुंबई. मुंबई सबकी के मामले को राजनीतिक खेल करार देते हुए शिवसेना के कार्यकारी अध्यक्ष उद्धव ठाकरे कहते हैं कि इस विवाद के भड़कने की फिलहाल कोई वजह ही नहीं थी। राहुल गांधी पर मोर्चा खोलते हुए ठाकरे कहते हैं कि राजनेताओं को असल मुद्दों पर ध्यान लगाना चाहिए न कि बस विवाद भड़काने पर। 
आप मुंबई फॉर ऑल के मुद्दे पर क्या सोचते हैं?
जो लोग महाराष्ट्र के खिलाफ हैं वे ऐसी छवि बना रहे हैं कि उत्तर भारतीय मुंबई में सुरक्षित नहीं हैं। मुझे पिछले साल भर में एक ऐसा मामला बताइए जहां किसी उत्तर भारतीय को पीटा गया हो। हमने कभी नहीं कहा कि मुंबई भारत का हिस्सा नहीं है। हम बस इतना चाहते हैं कि मुंबई पर पहला हक महाराष्ट्र के लोगों का हो। 
क्या सेना उत्तर भारतीयों से भेदभाव करती है?
शिवसेना ने 1992-93 के दंगों में उत्तर भारतीयों को बचाया। हमने उस समय हिंदुओं को बचाया न कि उत्तर भारतीयों या महाराष्ट्रीयों को। राज्य भाषायी आधार पर बनते रहे हैं। हर भाषा को उसके राज्य में इज्जत मिलनी चाहिए, चाहे वह गुजराती हो या बांग्ला। 
तब इस मुद्दे पर क्यों राजनीति हो रही है?
कुछ लोग मुंबई को महाराष्ट्र से अलग करने में लगे हैं। यही लोग दो दिनों से शहर के बारे में बोल रहे हैं। उन्हें लगता है कि विधानसभा में हार के बाद सेना कमजोर हो गई है और महाराष्ट्र के लोग बंट गए हैं। लेकिन मैं साफ कर दूं ऐसा नहीं है। जब भी अन्याय के खिलाफ आवाज उठानी होगी आप महाराष्ट्र के लोगों को एकसाथ पाएंगे।
राहुल गांधी के बयान में क्या गलत था?
राहुल ने 26/11 के शहीदों का अपमान किया। एनएसजी ने भी पार्टी को धन्यवाद का पत्र भेजा था। हमारे कार्यकर्ताओं ने कमांडो की नरीमन हाउस के पास मदद की थी। सेना ने ही 26/11 को जवानों की देखभाल की थी।
क्या आप राहुल को महाराष्ट्र आने से रोकेंगे?
नहीं, हम विरोध करेंगे, पर तुरंत नहीं। राहुल ने कहा मुंबई भारत का हिस्सा है। इससे कौन इंकार करता है? लेकिन क्या वे जानते हैं कि श्रीनगर मे 26 जनवरी को तिरंगा नहीं फहराया गया? क्या कश्मीर भारत का हिस्सा नहीं है? वह इस बारे में क्यों नहीं बोलते? क्या किसी ने उन कश्मीरी पंडितों के पक्ष में कुछ कहा जिन्हें आतंक ने वादी छोड़ने पर मजबूर किया? मेरी राहुल से अपील है, मेरे साथ श्रीनगर चलें, साथ में तिरंगा फहराएं। 
सेना का शाहरुख खान पर क्या रुख है?
सेना आईपीएल में पाकिस्तानी खिलाड़ियों का विरोध कर भारत पर अपने गर्व का प्रदर्शन कर रही है। शाहरुख ने उनके पक्ष में बोलकर गलती की है। उन्हें खुद को फिल्मों तक ही सीमित रखना चाहिए। वह अपना काम करें और किसी मुद्दे में न पड़ें। 
मियांदाद के मामले में 
मियांदाद प्रार्थना करने आया था
लेकिन शिवसेना ने भी पाकिस्तानी क्रिकेटर जावेद मियांदाद को सम्मानित किया था?
मियांदाद, वेंगसरकर के साथ बालासाहब से अनुमति मांगने आए थे कि पाक टीम को भारत में खेलने दिया जाए। बालासाहब ने उनकी बात नहीं मानी। 
क्या भाजपा से आपके रिश्ते बिगड़े हैं?
हम मुंबई और विदर्भ पर भाजपा से गठबंधन से पहले से ही अपने रुख पर अटल थे। वे अलग सोच सकते हैं लेकिन हम अपना रुख नहीं बदलेंगे। हम गठबंधन नहीं तोड़ना चाहते। लेकिन मैं उनकी नीतियों के बारे में कुछ नहीं कह सकता? 
क्या सेना का यह नया रुख एमएनएस की वजह से है?
यह एक बेहद अदना सा मुद्दा है जो चर्चा के लायक नहीं है।
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