शोभिता नैथानी
समाजवादी पार्टी के पूर्व नेता आजम खान बता रहे हैं कि पैसे की ताकत के दम पर अमर सिंह को सपा में खुली छूट मिली हुई थी
अमर सिंह ने समाजवादी पार्टी में सभी पदों से इस्तीफा दे दिया है, इसकी क्या वजह हो सकती है?
यह तो सिर्फ वही आपको बता सकते हैं. लेकिन मुझे लगता है वे सपा को बर्बाद करने के मिशन पर थे और यह पूरा हो चुका है. अमर सिंह ने सपा को जो नुकसान पहुंचाया है, उसकी भरपाई आनेवाले कम से कम अगले चार साल तक तो नहीं हो सकती.
लेकिन अमर सिंह और मुलायम सिंह यादव के बीच तकरीबन दो दशक पुरानी दोस्ती में दरार आने की क्या वजह है?
अमर सिंह पार्टी में 20 साल से नहीं हैं. सपा में वे ऐसे घुसे थे जसे चूहा किसी घर में घुसता है. किसी को नहीं पता चला कि वे लिहाफ का कौन-सा कोना कुतरकर भीतर घुसे. वे पार्टी में 17-18 साल थे, लेकिन पिछले 10 सालों में वे पार्टी में ज्यादा सक्रिय हुए.
पार्टी के दूसरे सदस्यों को अमर सिंह के बारे में कब पता चला?
जब उन्होंने मुसलमानों की दलाली शुरू की. अमेरिका-भारत परमाणु सौदे के समय उन्होंने मुसलमानों को बेच दिया. उन्होंने कभी भी कोई चीज बेचने का मौका नहीं गंवाया, चाहे वह नोएडा हो, ग्रेटर नोएडा या शुगर मिलें.
क्या आपने कभी ये मुद्दे नहीं उठाए?
यदि मैंने कभी इस ताकतवर चट्टान के खिलाफ आवाज नहीं उठाई होती, लड़ा नहीं होता तो मुझे पार्टी के बाहर भी नहीं फेंका जाता.
अमर सिंह की मुलायम सिंह यादव से अपनी राहें अलग करने की वजह क्या हो सकती है?
उनके गठबंधन में दरार क्यों पड़ी, मैं इस पर कोई राय नहीं दे सकता. लेकिन यह जरूर कह सकता हूं कि यह उनकी (अमर सिंह की) बदकिस्मती है कि उन्हें इस्तीफा देने के लिए अपना देश छोड़कर विदेश जाना पड़ा. उसे कोई सियासदां कैसे कह सकता है जिसने एक भी चुनाव न लड़ा हो?
अमर सिंह सपा का चेहरा बन चुके थे, क्या इससे पार्टी के दूसरे नेता उपेक्षित महसूस करते थे?
(हंसते हुए) हमारी क्या औकात थी? हम एक कोने में खड़े होकर ठाकुर साहब के फरमान सुना करते थे.
लेकिन ऐसा क्यों हुआ?
क्योंकि उनके पास खूब पैसा है, फिल्मी सितारे हैं और उन फिल्मी सितारों को पांच सितारा होटलों में लाने के जरिये हैं.
उनके इस्तीफा देने का मतलब क्या यह है कि आपकी सपा में वापसी होगी?
मुलायम सिंह ने कल्याण सिंह से हाथ मिलाकर लोगों का भरोसा खो दिया है. कल्याण की वजह से मेरी बेइज्जती की गई और पार्टी से बाहर निकाला गया. ऐसे में न कोई हमें बुलाने की कोशिश करेगा और न हमारी जाने की हिम्मत होगी.
यदि पार्टी आपको बुलाती है तब?
वे ऐसा क्यों करेंगे? क्या सपा मेरी जवानी लौटा सकती है? मेरे 29 साल, मेरी मेहनत, मेरी खुद्दारी लौटा सकती है? उन्होंने उस तबके की पीठ में छुरा भोंका जिसकी मैं नुमाइंदगी करता हूं.
तो क्या आप सपा में फिर से शामिल होंगे?
नहीं.
अमर सिंह के बिना सपा का क्या मतलब है?
यह तो आपको सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ही बता सकते हैं. मैं सिर्फ यह जानता हूं कि जब तक वे सपा में थे, पार्टी किसी नाचनेवाली के पैरों में बंधे घुंघरुओं की तरह थी.
जब आप पार्टी में थे तब मुलायम सिंह यादव और अमर सिंह के बीच क्या किसी तरह का तनाव था?
मेरा अमर सिंह से ज्यादा लेना-देना नहीं था. लेकिन तीन साल पहले संसदीय बोर्ड की बैठक में एक सांसद ने उनके खिलाफ कुछ कहा था तब अमर सिंह ने इस्तीफा देने की धमकी दी थी. बाद में उस सांसद ने माफी मांग ली और अमर सिंह ने इस्तीफा नहीं दिया. लेकिन इस वक्त मामला कुछ गंभीर हो सकता है क्योंकि इस्तीफा मीडिया के जरिए दिया गया है.
सपा जैसी छोटी पार्टियों का प्रभाव कम होने का भाजपा और कांग्रेस के लिए क्या मतलब है?
सपा को हुए नुकसान की भरपाई नहीं हो सकती.
क्या पार्टी अपनी समाजवादी विचारधारा को छोड़ कर वंशवाद की राह पर चल पड़ी है?
पार्टी में अब कोई समाजवाद नहीं बचा. पार्टी पूंजीवाद और ग्लैमर पर चल रही थी - बालीवुड के फिल्मी सितारों और पांच सितारा होटलों पर. बेनी प्रसाद वर्मा से लेकर राज बब्बर तक अधिकांश समाजवादी नेता ठाकुर साहब की वजह से पार्टी छोड़ चुके हैं. सपा में यादव परिवार के अलावा और कौन बचा है? वैसे वंशवादी राजनीति हमारे राजनीतिक तंत्र का हमेशा से हिस्सा रही है.
तहलका से साभार