बंगलूर की घोड़ा मंडी में ख़ुशी की लहर !

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बंगलूर की घोड़ा मंडी में ख़ुशी की लहर !

 पहले ही इस्तीफा दे सकते हैं कमलनाथ 

पूजा सिंह

भोपाल/नई दिल्ली. सर्वोच्च न्यायालय ने गुरुवार को निर्देश दिया कि मध्य प्रदेश में कमल नाथ सरकार को शुक्रवार शाम 5 बजे के पहले फ्लोर टेस्ट से गुजरना होगा. न्यायालय ने कहा कि बहुमत का निर्णय हाथ उठवाकर किया जाये और पूरी कार्यवाही की वीडियो रिकॉर्डिंग की जाये. सर्वोच्च न्यायालय ने बागी विधायकों के विषय में कहा कि यदि वे विधानसभा आना चाहें तो कर्नाटक और मध्य प्रदेश के डीजीपी उन्हें सुरक्षा प्रदान करें.इस फैसले से बंगलूर में रुके कांग्रेस के विधायकों और भाजपा में ख़ुशी की लहर दौड़ गई है .

लगातार दूसरे दिन मामले पर सुनवाई करते हुए सर्वोच्च न्यायालय ने मध्य प्रदेश के विधानसभा अध्यक्ष नर्मदा प्रसाद प्रजापति से पूछा कि क्या वे वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से विधायकों से बात कर उनके बारे में निर्णय ले सकते हैं? तो प्रजापति के अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने इससे इनकार कर दिया. विधानसभा अध्यक्ष ने इसके लिए दो सप्ताह का समय मांगा लेकिन न्यायालय ने यह कहते हुए इससे इनकार कर दिया कि इससे खरीद फरोख्त को बढ़ावा मिलेगा.

इससे पहले न्यायालय ने कहा था कि विधायक फ्लोर टेस्ट में शामिल हों अथवा नहीं लेकिन उनको बंधक बनाकर नहीं रखा जा सकता है. न्यायालय ने ककहा कि उसका काम संविधान के दायरे में रहते हुए अपने कर्तव्यों का निर्वहन करना है.


इससे पहले विधायकों को मनाने के आखिरी प्रयास के रूप में पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने बागी विधायक एदल सिंह कसाना को एक भावुक पत्र लिखा. सिंह ने अपने पत्र में कांग्रेस के साथ पुराने रिश्तों का हवाला दिया और विधायकों से कहा कि यदि वे उनसे बात नहीं करना चाहते तो वे कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी को उनसे बात करने के लिए मना सकते है.

उधर, कांग्रेस सूत्रों का कहना है कि सर्वोच्च न्यायालय का निर्णय आने के बाद कमल नाथ के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार के पास बहुत सीमित समय बचा है. सूत्रों के मुताबिक यदि कोई चमत्कार नहीं हुआ तो कल फ्लोर टेस्ट के पहले ही मुख्यमंत्री कमल नाथ अपने पद से इस्तीफा दे देंगे.

इससे पहले गुरुवार सुबह मुख्यमंत्री कमल नाथ ने जोर देकर कहा था कि वह पिछले 15 महीने में तीन बार बहुमत साबित कर चुके हैं और अब भी उनकी सरकार बहुमत में है. उन्होंने कहा कि यदि भाजपा अविश्वास प्रस्ताव लाना चाहती है तो वह उस पर चर्चा और मतदान के लिए तैयार हैं लेकिन पहले बंधक बनाये गये 22 विधायकों को रिहा किया जाये.फोटो साभार 

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