बहुतों को न्यौते का इंतजार ...

समाजवादी फिर सड़क पर उतरेंगे मोदी के जन्मदिन पर व्याख्यान माला असाधारण प्रतिभावान सोफिया लॉरेन ! खाने में स्वाद, रंगत और खुशबू ! प्रधानमंत्री ने महत्वपूर्ण योजनाओं का किया शुभारंभ चर्चा यूपी की पालटिक्स पर ऐसा बनकर तैयार होता समाहरणालय पालतू बनाना छोड़ें, तभी रुकेगी वन्यजीवों की तस्करी बाजार की हिंदी और हिंदी का बाजार उपचुनाव की तैयारियों में जुटने का निर्देश काशी मथुरा ,मंदिर की राजनीति की वापसी टीके जोशी भी अलविदा कर गए देश की राजनीति को बदल सकता है किसानों का आंदोलन कहीं हाथ से कुर्सी भी बह न जाए? जवान भी खिलाफ , किसान भी खिलाफ गूगल प्ले स्टोर से हटा पेटीएम का ऐप्लीकेशन हमाम में सभी नंगे हैं और नंगा नंगे को क्या नंगा करेगा! इंडिया शाइनिंग और फील गुड का असली चेहरा कार्पोरेट घरानों के दखल के अंदेशे से किसानों में उबाल दलित अकादमी - ममता ने प्रतिरोध की आवाज को दी मान्यता

बहुतों को न्यौते का इंतजार ...


राजेंद्र कुमार

सूबे की नौकरशाही और राजशाही के आला लोगों को एक न्यौते का इंतजार है। इस न्यौते के पाने के लिए जुगाड़ बैठाये जा रहे हैं। संबंधों का हवाला देकर न्यौता पाने का प्रयास हो रहा है।

जबकि कोरोना वायरस की वजह से किसी भी समारोह का न्यौता बहुत मुश्किल हो गया है। ऐसे में जब समारोह राम जन्मभूमि मंदिर के भूमि पूजन का हो तो उसका यह न्यौता पाना और भी मुश्किल है। बताया जा रहा है कि करीब दो सौ लोगों को ही इस कार्यक्रम में शामिल होने का न्यौता मिलेगा। इसी तरह उक्त कार्यक्रम में मेहमानों की संख्या बहुत सीमित होनी है। तभी सवाल है कि क्या राममंदिर आंदोलन से जुड़े तमाम लोगों जिनमें नेता और अफसर दोनों ही हैं को इसमें शामिल होने का न्यौता मिल पाएगा ? यह सही है कि नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री रहते राममंदिर पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला आया है। परन्तु  यह भी हकीकत है कि अस्सी के दशक से ही हजारों लोग इस आंदोलन से जुड़े थे। उनमें कुछ चेहरे तो बहुत महत्वपूर्ण रहे पर अभी राजनीतिक रुप से हाशिए में है। जैसे बजरंग दल के पूर्व नेता विनय कटियार एक जमाने में राम मंदिर का चेहरा थे। उमा भारती भी सबसे मुखर चेहरा थीं और जिस दिन विवादित ढांचा टूटा था उस दिन की उनकी लालकृष्ण आडवाणी के साथ की फोटो एक दस्तावेज की तरह है। सो, क्या उमा भारती, विनय कटियार आदि नेता बुलाए जाएंगे? लालकृष्ण आडवाणी और डॉक्टर मुरली मनोहर जोशी भी बुलाये जायेंगे। इन दोनों बड़े नेताओं के साथ साथ जिन लोगों के ऊपर अयोध्या में विवादित ढांचा गिराए जाने का मुकदमा चल रहा है क्या वे सभी लोग बुलाए जाएंगे? कायदे से अयोध्या आंदोलन से जुड़े लोगों को बुलाया जाना चाहिए था पर कहा जा रहा है कि चूंकि समूचा फोकस प्रधानमंत्री के ऊपर पर रखना है और संख्या भी सीमित रखनी है इसलिए ज्यादा लोग नहीं बुलाए जाएंगे। ऐसे में कल्याण सिंह को लेकर क्या फैसला होगा? कल्याण सिंह वह व्यक्ति हैं, जिनके मुख्यमंत्री रहते अयोध्या में धार्मिक ढ़ांचा गिराए जाने की घटना घटी थी? वह समारोह में मौजूद होंगे यह नही? इस पर कोई बोल नही रहा है। ऐसे में सूबे के पूर्व डीजीपी कर्मवीर सिंह जिनकी देखरेख में अदालत के आदेश पर रामजन्मभूमि मंदिर का ताला खुला था, उन्हें बुलाया जायेगा यह नही यह भी देखना है। एडीएम रामलला के नाम से मशहूर हुए यूसी तिवारी जिन्होंने वर्षों तक सुप्रीम कोर्ट में सरकार की तरफ से मंदिर से जुड़े तथ्य रखे उनको भूमि पूजन के कार्यक्रम को देखने का अवसर मिलेगा? यह सवाल पूछा जा रहा है। मंदिर निर्माण के भूमि पूजन समारोह में मुख्य मंत्री योगी आदित्यनाथ अपने दोनों उप मुख्यमंत्री के साथ में होंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सूबे की राज्यपाल के साथ समारोह के मंच पर होंगे। जबकि उनकी सरकार के अन्य मंत्री समारोह में शामिल होने का न्यौता पायेंगे या नही यह तय नहीं है। सीएम की टीम -11 के तीन सदस्य यूपी के मुख्य सचिव आरके तिवारी, डीजीपी हितेश चंद्र अवस्थी और अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश अवस्थी समारोह में मौजूद होंगे। एडीजी कानून व्यवस्था प्रशांत कुमार भी मौके पर होंगे। संघ प्रमुख मोहन भागवत भूमि पूजन कार्यक्रम के मुख्य अतिथि हैं तो वह भी मंच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ बैठेंगे। अयोध्या में मंदिर निर्माण को लेकर सुब्रह्मण्यम स्वामी सुप्रीम कोर्ट में इस मसले पर सुनवाई से जुड़े थे। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि उन्हें बुलाया जाता है या नहीं। केंद्रीय मंत्रियों में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और पर्यटन मंत्री मौजूद रहेंगे। गृह मंत्री अमित शाह को भी इस कार्यक्रम में मौजूद रहना था लेकिन कोरोना संक्रमित हो जाने के कारण अब वह टीवी पर ही इस कार्यक्रम को देखेंगे। इस अति महत्वपूर्ण समारोह में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को बुलाया जाएगा या नहीं इसकी अभी किसी को कोई जानकारी नही है। बताया जा रहा है कि प्रधानमंत्री भूमिपूजन में सोने की पांच ईंटें गर्भगृह में रखेंगे यह हिंदू मान्यता के मुताबिक पांच ग्रहों के लिए रखा जाएगा। अब इस ऐतिहासिक पल का साक्षी बनने के लिए अयोध्या के समारोह का न्यौता पाने की जुगाड़ में देश और प्रदेश के तमाम प्रमुख लोग लगे हैं। इनमें नेता, अफसर और देश के बड़े औद्योगिक घरानों के लोग भी शामिल हैं। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने राम मंदिर भूमि पूजन के निमंत्रण कार्ड को जारी कर दिया है। पीले रंग के इस ‘इनवाइट’ में सिक्योरिटी कोड लगाया गया है जिसको चेक कराने के बाद ही कार्यक्रम में एंट्री मिलेगी। अब इसी कार्ड को पाने के बड़े-बड़े लोग जोर लगा रहे हैं। अब देखना यह है कि समारोह में शामिल होने के लिए किस किस को न्यौता मिलता है?


  • |

Comments

Subscribe

Receive updates and latest news direct from our team. Simply enter your email below :