विधान परिषद के लिए वोटिंग की जरुरत ही नहीं पड़ेगी

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विधान परिषद के लिए वोटिंग की जरुरत ही नहीं पड़ेगी

आलोक कुमार

 पटना. अब 6 जुलाई को विधान परिषद के लिए वोटिंग करना जरूरी नहीं रह गया है.चार दलों के सभी 9 उम्मीदवार निर्विरोध विजयी घोषित होना तय है. शुक्रवार 26 जुलाई को नामांकन पत्रों की जांच कर ली गयी है. सभी उम्मीदवारों का नामांकन पत्र वैध घोषित किया गया है.नाम वापस लेने की अंतिम तारीख 29 जून है. उसी दिन सभी 9 उम्मीदवारों को निर्विरोध घोषित कर दिया जायेगा. जनता दल (यूनाईटेड) के गुलाम गौस, भीष्म सहनी और कुमुद वर्मा.भारतीय जनता पार्टी के सम्राट चौधरी और संजय मयूख. राष्ट्रीय जनता दल के फारूक शेख, सुनील सिंह और रामबली चंद्रवंशी. भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के समीर सिंह.

बिहार विधान परिषद में दलगत स्थिति सामने आ गयी है. कार्यकारी सभापति हैं अवधेश नारायण सिंह. उप सभापति का पद रिक्त है. जनता दल (यूनाईटेड) नीतीश कुमार, डाॅ संजीव कुमार सिंह, श्रीमती रीना देवी उर्फ रीना यादव, मनोरमा देवी, सलमान रागीब, दिनेश प्रसाद सिंह, मनोज यादव, गुलाम रसूल, सी.पी.सिन्हा उर्फ चन्देश्वर प्रसाद सिन्हा, वीरेन्द्र नारायण यादव, तनवीर अख्तर, खालीद अनवर, राम ईश्वर महतो, संजीव श्याम सिंह, संजय कुमार झा, राधाचरण साह, दिलीप राय, संजय प्रसाद, मो. कमर आलम और रणविजय कुमार. निर्विरोध विजय घोषित होने वाले गुलाम गौस, भीष्म सहनी और कुमुद वर्मा. कुल 23 विधान परिषद विधायक के साथ जनता दल (यूनाईटेड) सबसे बड़ा दल बनकर उभरा है.

वहीं भारतीय जनता पार्टी के सुशील कुमार मोदी, मंगल पांडे, राजन कुमार सिंह, संतोष कुमार सिंह, सच्चिदानंद राय, टुन जी पाण्डेय, आदित्य नारायण पाण्डेय, राजेश कुमार उर्फ बबलू गुप्ता, सुनील कुमार सिंह, हरि नारायण चैधरी,रजनीश कुमार, सुमन कुमार, डाॅ. दिलीप कुमार जायसवाल, अर्जुन साहनी, विनोद नारायण झा, संजय पासवान. निर्विरोध विजय घोषित होने वाले सम्राट चौधरी और संजय मयूख. कुल 18 विधान परिषद विधायक के साथ भारतीय जनता पार्टी द्वितीय बड़ा दल बनकर उभरा है.


राष्ट्रीय जनता दल की राबड़ी देवी, सुबोध कुमार,राम चन्द्र पूर्वे. निर्विरोध विजय घोषित होने वाले फारूक शेख, सुनील सिंह और रामबली चंद्रवंशी.कुल 6 विधान परिषद विधायक के साथ प्रतिपक्ष में सबसे बड़ा दल है. हालांकि पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी नेता प्रतिपक्ष की कुर्सी खतरे पर है. कम से कम आठ विधायकों की जरूरत है. ऐसी हालात में सत्ताधारी के मुखिया पर निर्भर है कि नेता प्रतिपक्ष राबड़ी देवी को बनाये रखे अथवा बिना नेता प्रतिपक्ष के ही सदन रहे.


भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के राजेश राम, प्रेमचन्द्र मिश्रा. निर्विरोध विजय घोषित होने वाले समीर सिंह हैं. कुल 3 विधान परिषद के विधायक. लोक जनशक्ति पार्टी की नूतन सिंह, हिन्दुस्तानी अवामी मोर्चा ( सेक्युलर) संतोष कुमार सुमन और निर्दलीय रित लाल राय और अशोक कुमार अग्रवाल है.

शुक्रवार 26 जुलाई को नामांकन पत्रों की जांच कर ली गयी है. कुछ खामिया सुधार करके कांग्रेस उम्मीदवार का नामाकंन पत्र वैध घोषित कर दिया गया है.नाम वापस लेने की अंतिम तारीख 29 जून है. उसी दिन सभी 9 उम्मीदवारों को निर्विरोध घोषित कर दिया जायेगा.

कुल मिलाकर सभी पार्टियों ने इसी साल होने वाले विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए विधान परिषद के लिए अपने उम्मीदवार घोषित किए हैं. पार्टियों ने जातीय समीकरण को भी साधने की कोशिश की है.वहीं जनता दल (यूनाईटेड)  , और राजद ने अल्पसंख्यक कार्ड खेलने से परहेज नहीं किया. इन दलों ने अल्पसंख्यक में सर्वाधिक जनसंख्या वाले मुसलमान को कैंडिडेट बनाया है. दूसरे नम्बर पर रहने वाले ईसाई समुदाय की ओर आंख भी उठाकर नहीं देता है. इसके चलते पार्टी के झोला धोने वाले में आक्रोश व्याप्त है.


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