रामगढ़ की तकदीर बदलने वाली है !

राहत इंदौरी का ऐसे चला जाना अलविदा राहत अनिश्चितकालीन हड़ताल करने का ऐलान कृष्ण कथा तो बार बार खींचती है ओली की ठोरी में अयोध्या की खोज जारी सचिन पायलट क्या हथियार डाल देंगे बयालीस के गांधी में भगत सिंह का तेवर हाजीपुर हरिहरपुर गांव की बेटी बनी आईएएस 124 प्रखंड की करीब 69 लाख की आबादी बाढ़ की चपेट में पुलिस-दमन का चक्र कभी थमता नहीं स्वराज के लिए ‘जनक्रांति’ की अठहत्तरवीं जयंती अयोध्या के अध्याय की पूर्णाहुति ! अब आगे क्या ? हिंदी अखबारों में हिंदू राष्ट्र का उत्सव ! केरल में खुला संघ का सुपर मार्केट ! एमपी में कांग्रेस अब ‘भगवान’ भरोसे धर्म-धुरंधर’ फिर भीख पर गुज़ारा करेंगे राजनीतिक इष्टदेव तो आडवाणी ही हैं प्रधान मंत्री द्वारा राम मंदिर के शिलान्यास के खिलाफ भाकपा-माले का प्रतिवाद राममंदिर के भूमि पूजन इनका है अहम रोल राम मंदिर संघर्ष यात्रा की अंतिम तारीख पांच अगस्त

रामगढ़ की तकदीर बदलने वाली है !

शांतिनिकेतन का दूसरा परिसर टैगोर टाप पर 

प्रभाकर मणि तिवारी

रामगढ़ /कोलकाता .उतराखंड के नैनीताल जिले के रामगढ़ गांव की तकदीर बदलने जा रही है .यहां शांतिनिकेतन का दूसरा कैंपस बनने जा रहा है .गौरतलब है कि  कविगुरू रबींद्रनाथ टैगोर एक दौर में यहां रहते थे और उनकी इच्छा थी कि यहीं पर ही शांति निकेतन बने .पर वह हो नहीं पाया .अब यह बीड़ा उठाया है केंद्र की मोदी सरकार ने .उम्मीद है अब इस दिशा में जल्द पहल होगी . कविगुरू रबींद्रनाथ टैगोर के हाथों पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले के शांतिनिकेतन में स्थापित विश्व भारतीय विश्वविद्यालय अपनी खासियतों और शिक्षा की समृद्ध गुरूकुल परंपरा के लिए पूरी दुनिया में मशहूर है. हर साल देश-विदेश से हजारों छात्र साहित्य औऱ संमगीत की विभिन्न विधाओं की शिक्षा के लिए इसमें दाखिला लेते हैं. अब तक इस केंद्रीय विश्वविद्यालय का देश में दूसरा कोई कैंपस नहीं था. लेकिन अब उत्तराखंड के नैनीताल जिले के तहत बसे रामगढ़ में इसका दूसरा कैंपस बनाने का फैसला किया गया है. केंद्रीय मानव संसाधन मंत्रालय की सिफारिश पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, जो इस विवि के चांसलर भी हैं, ने हरी झंडी दिखा दी है. उसके बाद विश्वभारती प्रबंधन को भी इस बारे में जरूरी कदम उठाने के निर्देश दे दिए गए हैं.

प्रबंधन ने लॉकडाउन के दौरान ही इस मुद्दे पर कई बार बैठकें की हैं. इसी दौरान रामगढ़ कैंपस के विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने का काम भी किया गया. विश्वभारती के एक अधिकारी बताते हैं कि फिलहाल रामगढ़ में तीन सौ एकड़ जमीन पर इस कैंपस की स्थापना की जाएगी. वहां विश्वभारती के श्रीनिकेतन माडल के आधार पर शुरुआत में कृषि विकास, बस्ती विकास और समांजशास्त्र जैसे विषयों की पढ़ाई शुरू की जाएगी.

कविगुरू ने एक अखबार में छपे विज्ञापन के आधार पर रामगढ़ में एक गोरे साहब का मकान फलों के बागान समेत खरीदा था और उसका नाम हेमंती बाड़ी रखा था. वे 14 मई, 1914 को अपनी पुत्रवधू प्रतिमा देवी और पुत्री मीरा देवी के साथ पहली बार उस मकान में पहुंचे थे. कवि के न्योते पर अतुल प्रसाद सेन भी वहां पहुंचे थे. रबींद्रनाथ ने वहीं अपनी कई मशहूर कविताएं लिखी थीं. अब उसी हेमंती बाड़ी को केंद्र में रख कर वहां विश्वभारती का दूसरा कैंपस बनाया जाएगा. फिलहाल कविगुरू का वह मकान टैगोर टाप के नाम से मशहूर है. रख-रखाव के अभाव में वह पूरी तरह नष्ट हो चुका है. अब उसकी मरम्मत कर वहां संग्रहालय बनाने पर भी विचार किया जा रहा है.


विश्वभारती के एक अधिकारी ने बताया कि रामगढ़ कैंपस में पहले साल पांच सौ छात्र-छात्राओं को दाखिला दिया जाएगा. वहां भवनों का निर्माण शांतिनिकेतन की तर्ज पर ही किया जाएगा. जिनमें प्रशासनिक भवन औऱ कक्षाओं के अलावा कृषि शोध केंद्र और लाइब्रेरी भी रहेगी. परियोजना रिपोर्ट में प्राथमिक तौर पर 50 शिक्षकों और 40 गैर-शिक्षक कर्मचारियों की नियुक्ति की सिफारिश की गई है.

बीते 10 जून को विश्वभारती की कार्यसमिति की बैठक में तमाम सदस्यों ने एक राय से रामगढ़ में विश्वविद्यालय के दूसरे कैंपस की स्थापना के केंद्र सरकार के प्रस्ताव पर मुहर लगा दी थी. केंद्रीय मानव संसाधन मंत्रालय को भी एक पत्र के जरिए बैठक के फैसले से अवगत करा दिया गया है. कार्यसमिति में राष्ट्रपति की ओर से मनोनीत सदस्य सुशोभन बनर्जी बताते हैं, “केंद्र ने विश्वभारती के दूसरे कैंपस की स्थापना के बारे में जो प्रस्ताव दिया था उस पर आम राय से सहमति बन गई है.”

  • |

Comments

Subscribe

Receive updates and latest news direct from our team. Simply enter your email below :