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कांग्रेस में राजबब्बर के खिलाफ बगावत ?

आशुतोष सिंह 

लखनऊ .उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजबब्बर के खिलाफ असंतोष बढ़ता जा रहा है .उत्तर प्रदेश कांग्रेस में  नगर निकाय चुनावों की समीक्षा बैठक बुलाए जाने की मांग  जोर पकड रही है .जानकारों के मुताबिक  समीक्षा बैठक बुलाने की मांग कर रहे लोगों को अब धमकाया भी जा रहा है .  दो दिन पहले  मनरेगा फ्लेगशिप प्रोग्राम के प्रभारी रहे संजय दीक्षित ने प्रदेश अध्यक्ष को मेल भेजकर नगर निकाय चुनावों की समीक्षा बैठक बुलाने की मांग  की .जबकि गुरूवार को प्रदेश महिला कांग्रेस की अध्यक्ष प्रतिमा सिंह ने अपना इस्तीफा आलाकमान को भेज दिया .वजह पूछे जाने पर प्रतिमा सिंह ने शुक्रवार से कहा ,इस्तीफा भेजा है तो कोई न कोई वजह तो होगी ही .
इसी तरह संजय दीक्षित के मामले में बताया जा रहा है कि उन्हें भी धमकाने का प्रयास किया गया पर वे इसे धमकी जैसा नहीं मानते है .
कुछ पार्टी पदाधिकारी समीक्षा बैठक बुलाने की माँग करने वाले संजय दीक्षित पर यह आरोप भी लगा रहे हैँ कि इन्होने अपनी पत्नी के लिए लगनऊ से मेयर पद के टिकट के लिए दावेदारी की थी लेकिन अंतिम  समय मेँ टिकट प्रेमा अवस्थी को दे दिया गया इसको लेकर उनकी नाराजगी है .हालांकि संजय दीक्षित इससे इंकार करते है .उन्होंने कहा , मै  सिर्फ लखनऊ सीट के लिए समीक्षा बैठक बुलाने की मांग नहीं कर रहा हूँ  समीक्षा बैठक में  तो पूरे प्रदेश के चुनावोँ मैं पार्टी की स्थिति पर चर्चा होनी चाहिए  .
कांग्रेस के एक नेता ने नाम न देने की शर्त पर कहा ,उत्तर प्रदेश के कार्यकर्ताओं में अब अब राज्य नेतृत्व के खिलाफ असंतोष उभरने गा है , कारण यह है कि जमीनी कार्यकर्ताओं के अभाव को दूर करने के लिए उत्तर प्रदेश कांग्रेस  के अध्यक्ष राजबब्बर कोई कार्ययोजना ही नहीं ला पाए .यही वजह है कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को अपने निर्वाचन क्षेत्र में अध्यक्ष बनने के बाद पहले ही दौरे में काले झंडों और नारों का सामना करना पड़ता है .खुद राजबब्बर जो संघर्ष से निकले नेता रहे हैं अब निजी सुरक्षा गार्ड के घेरे में पार्टी मुख्यालय आते है .यह उनके डर को दर्शाता है .
कार्यकर्ता अभी भी यह आस लगाए हैं  कि हाईकमान तक ये बात पहुंचेगी और हाईकमान जल्दी ही कोई निर्णय लेगा .दरअसल कांग्रेस भले किसी से कोई समझौता न करे पर वास्तविकता यह है कि अभी अकेले कोई भी चुनाव लड़ने की उसकी कोई हैसियत बन नहीं पाई है .
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