ताजा खबर
भारतीय मंदिरों का महाप्रसाद एमजे अकबर नपेंगे तो नरेंद्र मोदी कैसे बचेंगे? सरकार के अहंकार ने ली सानंद की जान ! गंगा के लिए मौत मुबारक़!
कश्मीर में सीएम बना नहीं पाया तो कहां बनाएगा ?
अंबरीश कुमार 
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी  ने कांग्रेस पार्टी पर आरोप लगाया है कि वह पाकिस्तान के साथ मिलकर गुजरात चुनाव को प्रभावित करने का प्रयास कर रही है .इस सिलसिले में मोदी ने कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर के घर हुई एक बैठक का हवाला भी दिया .जिसके मुताबिक कुछ दिन पहले कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर के घर हुई बैठक में  पाकिस्तान के उच्चायुक्त, पाकिस्तान के पूर्व विदेश मंत्री र्शीद महमूद कसूरी, भारत के पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी मौजूद थे.इसके अलावा वरिष्ठ पत्रकार प्रेम शंकर झा भी मौजूद थे .छह दिसंबर को हुई इस बैठक को लेकर ही मोदी ने कांग्रेस पर आरोप लगाया है .
वरिष्ठ पत्रकार प्रेम शंकर झा के मुताबिक इस बैठक में गुजरात का कोई जिक्र ही नहीं आया .बैठक  में भारत और पाकिस्तान के रिश्ते कैसे बेहतर हों इसी पर चर्चा हुई और भोज हुआ . करीब दो घंटे तक यह बातचीत भोज पर हुई .इसे मोदी ने गुजरात चुनाव से जोड़कर चुनावी मुद्दा बना दिया .मोदी ने आरोप लगाया कि पकिस्तान गुजरात में अपना मुख्यमंत्री बनाना चाहता है .पर इसका कोई ठोस कारण नहीं बताया कि क्यों सिर्फ गुजरात में पकिस्तान अपना मुख्यमंत्री बनाना चाहता है .पकिस्तान का भारत से मूल विवाद कश्मीर को लेकर है .पर आज तक कभी वह कोई अपना मुख्यमंत्री कश्मीर में नहीं बना पाया .कश्मीर में तो वह लगातार दखल देता रहा है फिर भी पाकिस्तान की यह हैसियत नहीं रही कि वह अपना मुख्यमंत्री जम्मू कश्मीर में बना पाए .इसलिए राजनैतिक क्षेत्र में मोदी का यह आरोप सिर्फ चुनावी लाभ लेने का हथियार माना जा रहा है .कांग्रेस के एक नेता ने नाम न देने की शर्त पर कहा कि मोदी मजहबी गोलबंदी के लिए ओछी राजनीति पर उतर आएं है .
गौरतलब है कि बिहार चुनाव में भी नरेंद्र मोदी यह प्रयास कर चुके हैं .तब उन्होंने कहा था कि अगर बिहार में भाजपा हारी तो पकिस्तान में पटाखे फोड़े जाएंगे .यह बात अलग है कि बिहार में भाजपा बुरी तरह हारी और पकिस्तान में पटाखों की आवाज भी नहीं सुनाई दी .बिहार में बड़ी संख्या में मुस्लिम आबादी है .इसी वजह से वहां भी मजहबी गोलबंदी का प्रयास किया गया था .पर यह सफल नहीं हुआ .अब गुजरात में खुद मोदी की प्रतिष्ठा दांव पर है .मोदी किसी भी तरह यह चुनाव जीतना चाहते हैं .पर माहौल उनके खिलाफ है .ऐसे में मजहबी गोलबंदी का पुराना हथियार निकाला गया है .ताकि वोटों का सीधा बंटवारा हो जाए .भाजपा जिस तरह से यह प्रयास कर रही है उससे यह हो भी सकता है .
इस बीच पूर्व सेना अध्यक्ष दीपक कपूर ने मोदी की टिपण्णी को गलत बताया है . उन्होंने कहा  कि वे उस बैठक में शामिल थे और वहां गुजरात चुनाव को लेकर कोई बात नहीं हुई थी.दीपक कपूर ने कहा कि आय्यर के घर हुई बैठक में सिर्फ भारत और पाकिस्तान के रिश्तों पर बातचीत हुई थी.दूसरी तरफ पाकिस्तान विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता डॉ. मोहम्मद फैसल ने ट्वीट कर कहा, भारत को अपनी राजनीतिक बहस में पाकिस्तान को नहीं घसीटना चाहिए.प्रवक्ता ने भी इसे गलत बताया है .
पर समाज का प्रबुद्ध वर्ग मोदी से सवाल करने लगा है .वह पूछ रहा है कि पीएम बनने के पहले ही मोदी अलगाववादी पाकिस्तान परस्त हुर्रियत कांफ्रेस के पास अपने दूत भेजते हैं . हाफ़िज़ सईद के पास अपना दूत भेजते हैं .पत्रकार वेद प्रताप वैदिक की अलगाववादी नेता हाफ़िज़ सईद से मुलाकात अनायास नहीं होती .खुद मोदी बिना पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के पाकिस्तान चले जाते हैं .ऐसे में उनका चुनावी आरोप राजनीतिक ही लगता है .दूसरे अगर पाकिस्तान ने देश के आंतरिक मामलों में दखल देते हुए कोई बैठक दिल्ली में की तो प्रधानमंत्री ने अभी तक किसी के खिलाफ कोई कार्यवाई क्यों नहीं की .कोई मामला क्यों नहीं दर्ज हुआ .राष्ट्र हित के मुद्दों पर ऐसी लापरवाही क्यों की जा रही है ,यह सवाल सभी के मन में है .
email ईमेल करें Print प्रिंट संस्करण
Post your comments
Copyright @ 2016 All Right Reserved By Janadesh
Designed and Maintened by eMag Technologies Pvt. Ltd.