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साफ़ हवा के लिए बने कानून नेहरू से कौन डरता है? चालीस साल पुराना मुकदमा ,और गवाह स्वर्गवासी चार दशक बाद समाजवादी चंचल फिर जेल में
खदानों से पैसा निकाल रहे है

लखनऊ मार्च । वैध और अवैध खनन के खेल में सत्तारूढ़ दल के मंत्री ,सांसद ,विधायक और नेता जमकर माल काट रहे है  । इनमे कई के पंचम ताल से तार जुड़े हुए है । ख़ास बात यह है कि इनमे कई मंत्री है जिनकी बेनामी खदाने चल रही है ।  जन संघर्ष मोर्चा ने आज  सोनभद्र जनपद में हो रहे वैध खनन कर्ताओं की सूची जारी की है। मोर्चा के प्रवक्ता दिनकर कपूर ने कहा कि  राष्ट्रीय संपत्ति की इस लूट में सत्ताधारी दल के बड़े पदाधिकारी व नेता सीधे तौर पर शामिल है इसलिए स्थानीय प्रशासन भी इन पर हाथ डालने से कतरा रहा है। सूचना अधिकार कानून के तहत जिले के खान अधिकारी से प्राप्त वैध खनन
कर्ताओं की सूची के अनुसार जनपद में गिट्टी बोल्डर के सिर्फ 155, सैंड स्टोन के 107, लाल मोरम के 4 व बालू मोरम के 25 खनन करता ही वैध पट्टाधारक है, पर इस जिले में हजारों की संख्या में अवैध खनन हो रहा है। इन खदानों में सत्तारूढ़ दल के कई नेताओं ने अपने या दूसरों के नाम के पट्टे ले रखे है । जो लोग अब तक सत्तारूढ़ दल के साथ थे हवा बदलते देख समाजवादी पार्टी की तरफ रुख कर रहे है । इसके कई उदाहरण सामने आए है । छात्र शक्ति के नाम से राजनैतिक संगठन की बजाए खनन कंपनी चलाने वाले उमाशंकर सिंह अब प्रदेश में सत्ता बदलते देख समाजवादी पार्टी से तार जोड़
रहे है । इनकी कंपनी में कई मंत्री के साथ अफसर भी हिस्सेदार है ।हालांकि  समाजवादी पार्टी प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी ने साफ़ किया कि अब माफिया या दागी लोगों के लिए समाजवादी पार्टी की सरकार में कोई पूछ नही होने वाली ।
दिनकर कपूर ने गाजीपुर में दिलदारनगर के बसपा विधायक पशुपतिनाथ राय का उदाहरण देते हुए कहा कि इनकी  सिंदुरिया बर्दिया में है । उन्होंने कहा कि इस तरह कई नेता मंत्री अपने या दूसरों के नाम से खनन का धंधा कर रहे है । राकेश गुप्ता का सलखन गांव में क्रशर चल रहा है। पटवध गांव में कैमूर सेंचुरी एरिया में मुरैया पहाड़ी में पत्थर का खनन कार्य हो रहा है। इन दोनों ही कार्यो की उन्हे अनुमति नहीं मिली है। पर्यावरण विभाग ने उन्हे क्रशर चलाने की अनुमति नहीं दी है व खनन विभाग ने उन्हे खनन के लिए पट्टा भी नही दिया इसके  बावजूद भी यह गैरकानूनी कार्य खुलेआम चल रहा है।
उन्होंने कहा कि इसी तरह दुद्धी तहसील में कनहर नदी पर सिर्फ कोरगी में ही बालू खनन के लिए लीज मिली हुई है पर वहां पोलवां व पिपरडीह समेत तमाम गांवों में खुलेआम कनहर नदी से बालू का खनन कराया जाता है। दिनकर ने कहा कि जन संघर्ष मोर्चा ने राष्ट्रीय संपत्ति की इस लूट पर रोक के संबंध में कई बार उत्तर प्रदेश शासन व जिला प्रशासन को पत्रक दिए व दो माह से जिला मुख्यालय पर जारी अनिश्चितकालीन धरने भी किए इसके बाद भी प्रशासन ने कोई कार्यवाई नहीं की। उन्होंने कहा कि खान विभाग से प्राप्त सूची को देखने से यह स्पष्ट हो जाता है कि इस लूट की मलाई खाने में सभी शामिल रहे है चाहे वह वर्तमान विधायकगण हो या सत्ता के विरूद्ध लाठी खाने की बात करने वाले प्रमुख विपक्षी दल के नेतागण।
दिनकर ने कहा कि बहुजन समाज पार्टी  के राबर्ट्सगंज विधानसभा से विधायक सत्यनारायण जैसल ने अपनी पत्नी मीरा जैसल के नाम वर्ष 2010 में सुकृत में 2020 तक सैंड स्टोन की चार  एकड़ में लीज कराई है। बसपा के ही राजगढ़ विधानसभा से विधायक अनिल मौर्या ने बिल्ली मारकुंडी में वर्ष 2003 में दस साल के लिए लीज कराई है। उन्होंने कहा कि मौर्या ने मिर्जापुर के अहरौरा के सोनपुर गांव में लगाए गए क्रशर प्लांट में तो बस्ती के पास  ही ब्लास्टिंग कराई है। उससे उड़ रही घूल ने ग्रामवासियों को बड़े पैमाने टीबी का पर शिकार बना लिया है। दलित जाति के एक ही परिवार के दो भाई छैवर
व जय सिंह की टीबी से मौत  हो गई व बालकिशुन, राधेश्याम, मल्लो, रामधनी,शारदा, जसवंत, बल्ली जैसे दर्जनों दलित परिवार टीबी के मरीज बन जिंदगी और मौत से जूझ रहे है। उन्होंने कहा कि इस क्रशर प्लांट का नाम भी वैध क्रशरों में नहीं है।
दिनकर ने कहा कि बसपा के पूर्व सांसद रहे नरेंद्र कुशवाहा ने अपनी पत्नी मालती देवी के नाम पटवध गांव में 2003 में दस साल की पत्थर खनन की लीज कराई है। बसपा के जिला महासचिव दाराशिकोह की तो दो खनन लीज है व कुलडोमरी क्षेत्र से जिला पंचायत का चुनाव लड़ चुके मनोज पांडे,  सड़क निर्माण क्षेत्र में पूरे जनपद में एकाधिकार कायम कर रहे उमाशंकर सिंह की दो लीजे है। लखनऊ के गोमती नगर की आईवीआरसीएल इंफ्रास्ट्रक्चर एंड प्रोजेक्ट लिमिटेड ने बालू खनन के सात पट्टे हासिल किए है। इस पट्टों के बारे में लोगों का कहना है कि यह सीधे बसपा के नेताओं के जरिए संचालित किया जा रहा
है। इस खेल में बसपा के साथ-साथ उसकी विपक्ष बनने का दावा करने वाली सपा के नेता भी साझेदार है। मुलायम सरकार के दौरान  इटावा निवासी सपा के नेता धर्मवीर सिंह यादव ने राबर्ट्सगंज के बिल्ली मारकुड़ी में 2007 जनवरी में दस साल के लिए पत्थर खनन की लीज प्राप्त कर ली। सपा के जिला महासचिव रमेश वैश्य की तीन लीज है तो बसपा छोड़ सपा में शामिल हुए रमेश दूबे भी खनन पट्टे के मालिक है।
दिनकर ने कहा कि बसपा राज्य में नेताओं को राजनीति के तोहफे के रूप में इस क्षेत्र को कानूनी व गैर कानूनी दोनों तरीके से चौतरफा लूटने की अनुमति मिली हुई है। यहां की सोन नदी को बंधक बना लिया गया है सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों के बाद भी नदी की धार को बांधकर बालू का खनन किया जा
रहा है। सेंचुरी एरिया व वाइल्ड जोन में जहां ताली बजाना भी मना है वहां ब्लास्टिंग की जा रही है। उन्होंने कहा कि इसके खिलाफ जन संघर्ष मोर्चा 20 जनवरी से जिला मुख्यालय पर धरना दे रहा है पर आजतक प्रशासन ने यहां की जनता के जीवन से जुड़े इन महत्वपूर्ण सवालों को हल नही किया। प्रशासन की
लोकतांत्रिक आंदोलनों की अवहेलना का यह रूख यहां बडे़ आक्रोश को जन्म दे रहा है। दिनकर ने कहा कि ग्रामीणों ने फैसला लिया है कि यदि प्रशासन राष्ट्रीय संपत्ति की इस लूट को नही रोकता तो इसकी रक्षा के लिए ग्रामीण
खुद मार्च करेगें व अवैध खनन बंद कराएंगे।
  

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