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क्या यह डाइन है जो जीभ काटी

 अंबरीश कुमार/विजय विनीत 

लखनऊ/करहिया (सोनभद्र ) ,  अगस्त। आदिवासी महिला जागेश्वरी की जीभ काटने के मामले में उन सभी दो सौ लोगों लोगों पर मुकदमा चलाया जाए जो घटना के समय मूक दर्शक बने देख रहे थे ।यह मांग आदिवासियों के बीच काम कर रहे संगठनों ने आज की है । राष्ट्रीय वन जन  श्रमजीवी मंच ,मानवाधिकार कानून सलाह केंद्र और कैमूर क्षेत्र महिला मजदूर किसान संघर्ष समिति की तरफ एक प्रतिनिधिमंडल आज मौके पर पहुंचा   । इस प्रतिनिधिमंडल में  शांता भट्टाचार्य ,गणपति देवी ,शोभा सोकालो देवी और विनोद पाठक शामिल थे ।इस टीम  युवा आदिवासी महिला जागेश्वरी से मुलाकात की जिसकी  तीन दिन पहले भरी पँचायत में जीभ काट दी गई थी । बुधवार को  एजंसी भाषा  की खबर आने के बाद शासन प्रशासन के साथ  मीडिया की भी नींद खुली  । यह इलाका छत्तीसगढ़ से लगा है और बस्तर से लेकर सरगुजा  तक टोनही और डायन के नाम पर दलित आदिवासी महिलाओं के शोषण का पुराना इतिहास है । छत्तीसगढ़ में जो काम बैगा करते है वही काम इस तरफ ओझा कर रहे है । इसी के चलते जागेश्वरी को डायन बता उसकी जीभ काट दी गई । पर जागेश्वरी की मुसीबते यही नही ख़त्म हुई   । अस्पताल के डाक्टर ने इलाज तो दूर उसे कमरे से बाहर धकेल दिया  । इस हादसे के बाद आदिवासी संगठन ने सवाल पूछा - क्या जागेश्वरी डायन है , जो भरी पंचायत में उसकी जीभ काट दी गई । छत्तीसगढ़ में डायन बताकर महिलाओं के उत्पीडन की पुरानी परंपरा रही  है । उस परंपरा को और आगे बढ़ाते हुए इस  गाँव के लोगों  ने बर्बरता की सारी हदे पार कर   एक युवा आदिवासी महिला की जीभ काट दी । और यह काम  एक ओझा के कहने पर पंचायत में किया गया ।  पुलिस ने इस मामले में ओझा समेत दो लोगो को गिरफ्तार कर चालान कर दिया है ।
हैरान करने वाली बात यह है कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ( म्योरपुर)  के प्रभारी  ने भी उसे शक की निगाह से देखते हुए इस महिला को कमरे से बाहर कर दिया । गुरूवार को कई घंटे वह अस्पताल  परिसर में पेड़ के नीचे पड़ी रही । सामाजिक संगठनों के लोगों के सक्रिय होने पर उसे जिलाचिकित्सालय भेजा गया आदिवासी बाहुल्य सोनभद्र के दक्षिणांचल में  झाड़ - फूक व ओझाई के चलते हर माह मारपीट होती रहती है । गुरूवार को जन  संगठनों के लोगों ने मौके पर  पहुचंकर मामले की जांच की । 
छत्तीसगढ़ की सीमा से सटा आदिवासी बाहुल्य करहीयां गांव सन् 2002 में तब चर्चा में आया था जब चार युवकों को माओवादी बताकर पुलिस मुठभेड़ में मार दिया गया था  । उसी करहीयां गांव में तीन दिन पहले जगेशरी की जीभ भरी पंचायत में उसी के दरवाजे पर डायन बताकर काट दी गई । रमाशंकर गोड़ की पत्नी जगेशरी  की जीभ उसके चाचा के दामाद की पुत्री की मौत को लेकर काटी गयी । जिस समय उसकी जीभ  काटी जा रही थी ,उस समय उसके चार बच्चे अंधा पिता व उसका पति लोगों के हाथ पैर जोड़कर ऐसा न करने की फरियाद कर रहे थे । लेकिन ग्रामीणों ने उसकी  एक नही सुनी और ओझा के इशारे पर ऐसी अमानवीय हरकत कर डाली । घटना के एक दिन पूर्व जगेशरी के चाचा की पुत्री की चार वर्षीय बालिका की मौत हो गयी थी । इस पर बालिका का पिता सहदेव ने जगेशरी पर टोना टोटका करने का आरोप लगाया। इसकी पुष्टि के लिए उसने दो ओझाओं को बुलाया । ओझाओं ने जगेशरी के घर के सामने कटहल के पेड़ के नीचे पंचायत बुलाई । पंचायत में ओझाओं ने ऐलान किया की यह एक टोनही है जादू टोना करती रहती है । ऐसे में इसकी जीभ काट दी जाय । न जीभ रहेगी न यह जादू टोना कर पायेगी । इसके बाद कई लोगो ने उसका हाथ पैर पकड़ा और जीभ बाहर खीचकर गड़ासे से काट दी । जीभ कटते ही वह बेहोश होकर गिर पड़ी इससे वहां मौजूद लोग भाग खड़े हुये । उसका पति किसी तरह उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र म्योरपु र लाया । अस्पताल  में भी उसके साथ डाक्टर  का व्यवहार ओझा से कम नहीं था । उसे अन्य मरीजो से अलग थलग सिगंल बेड रूम मे डाल दिया । उपचार के नाम पर रस्म अदायगी की जाती रही । वह बोल नहीं पा रही थी उसके पास आठ माह का बच्चा राजनरायन भी था । गुरूवार दोपहर चिकित्सक ने उसे कमरे से बाहर करते हुए ताला लगा दिया और रेफर कर दिया । चिकित्सालय परिसर में वह काफी देर तक एक पेड़ के नीचे पड़ी रही । इसी बीच वहां महिला संगठन जागोरी कैमूर क्षेत्र मजदूर किसान सघर्ष समिति के लोगो ने जब महिला को पेड़ के नीचे पाया तो कलेक्टर  को सूचना दी । 
घटना के तीन दिन बाद हरकत में आई पुलिस ने एक ओझा वह सहदेव को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया । एक आरोपी फरार है ,सोनभद्र के आदिवासी बाहुल्य क्षेत्रों में तमाम लोग बिमारियों को भूत - प्रेत व जादू टोना मानते है । इसे लेकर इस जिले में आये दिन मारपीट होती रहती है , चार माह पूर्व कोन थाना क्षेत्र के पड़रच ग्राम पंचायत की एक महिला को ग्रामीणों ने डायन बता गांव से बाहर निकाल दिया । चोपन थाना क्षेत्र सलखन गांव में एक मांह पूर्व भूत प्रेत के चक्कर में एक महिला की जमकर पिटाई की गई । राबर्ट्सगंज  कोतवाली क्षेत्र के चन्दुली गांव में भूत प्रेत को लेकर हुई मारपीट में 18 लोग गंभीर रूप से जख्मी हुए थे । जबकि  बभनी ,बीजपुर व दुद्धी थाना क्षेत्रों भूत- प्रेत को लेकर हुई मारपीट में एक साल के भीतर आधा दर्जनों लोगो की मौत हो चुकी है ।
 जनसत्ता 
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