आलोक तोमर
नई दिल्ली, फरवरी- पद्म भूषण पाने जा रहा संत सिंह चटवाल अमेरिका में इतना बदनाम है कि वर्तमान राष्ट्रपति बराक ओबामा ने अपने चुनाव अभियान के लिए उससे पच्चीस करोड़ रुपए डॉलर लेने से इंकार कर दिया था। कई बार दीवालिया घोषित हो चुका चटवाल यह रकम एक समारोह करके जुगाड़ना चाहता था। इसके पहले वह तब ओबामा के खिलाफ चुनाव मैदान में मौजूद और अब विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन को मोटी रकम दे चुका था। क्लिंटन परिवार से चटवाल के नजदीकी रिश्ते रहे ही है।
यूपीए सरकार चाहे जो करे मगर अटल बिहारी वाजपेयी सरकार भी चटवाल को दूर रखना चाहती थी। सन 2000 में जब बिल क्लिंटन भारत आए थे तो उनके साथ चटवाल भी आया था मगर प्रधानमंत्री कार्यालय ने उनके सम्मान में आयोजित किसी भी समारोह में चटवाल को घुसने नहीं दिया। इसके बावजूद नहीं घुसने दिया कि वह अमेरिकी प्रतिनिधि मंडल का सदस्य था।
हाल ही में भूतपूर्व प्रधानमंत्री इंदर कुमार गुजराल ने बताया है कि जब वे 1997 में अमेरिका गए थे तो उन्होंने न्यूयॉर्क पंजाब एसोसिएशन के एक सम्मान समारोह का निमंत्रण को स्वीकार किया था मगर जब साथ गए अधिकारियों ने इस समारोह में शामिल चटवाल के बारे में बताया कि इस आदमी पर ठगी के मामले अमेरिका और भारत दोनों जगह चल रहे हैं और जम्मू कश्मीर के वर्तमान राज्यपाल और उस समय गुजरात के प्रधान सचिव एन एन वोहरा ने भी और जानकारियां दी तो गुजराल ने इस समारोह में जाने से इंकार कर दिया है।
राष्ट्रपति भवन से चटवाल के बारे में अब गृह मंत्रालय से नए सिरे से सफाई मांगी गई है और गृह मंत्रालय पहले ही साफ कह चुका है कि चटवाल के खिलाफ कोई मामला बाकी नहीं हैं और यह ठग अब भारत का गौरव बनने के लिए तैयार है। गृह मंत्रालय ने यह भी कहा है कि देश की किसी भी अदालत में आज की तारीख में चटवाल अभियुक्त नहीं है। 27 जनवरी को गृह मंत्रालय का बयान कितना झूठा है यह आप खुद आगे देख लीजिए।
दिल्ली और केरल के उच्च न्यायालयों में चटवाल के खिलाफ आज भी चार मामले में दर्ज हैं। चारों पिछले वर्ष अप्रैल में दायर किए गए थे और उनमें से दो में इसी जनवरी में चटवाल को अदालत में पेश होने के सम्मन जारी किए गए है। ये मामले चटवाल द्वारा केरल के कोच्चि में बनवाए जा रहे होटल से संबंधित हैं जिसका उद्धाटन 5 अप्रैल 2009 को प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव पीके एन नायर ने धूमधाम से किया था।
दिल्ली और न्यूयॉर्क के कई बड़े नाम इस समारोह में मौजूद थे और जम कर नाच गाना हुआ था और शराब पी गई थी। होटल शान से चल रहा है मगर होटल के लिए सामान और निर्माण सामग्री सप्लाई करने वाले ठेकेदारों के करोड़ों रुपए चटवाल ने हजम कर लिए। इतना ही नहीं, इन लोगों ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग को शिकायत कर के यह भी कहा है कि उन्हें पैसा मांगने पर जान से मारने की धमकी दी गई। इन ठेकेदारों में दिल्ली के रमेश शर्मा भी है जिनके तीन करोड़ बयालीस लाख रुपए चटवाल ने चाट लिए।
होटल के कालीन और दूसरी सामग्री सप्लाई करने वाले जगदीश खंडेलवाल भी दिल्ली के है जिन्हें बीस लाख पचास हजार रुपए अपने सामान के भुगतान के और दस लाख रुपए हरजाने के मांगे हैं। उनका कहना है कि चटवाल गुंडो ने उन्हें जान से मारने की धमकी दी है इसलिए पुलिस सुरक्षा दी जाए। चटवाल के होटल में बाथरूम बनाने वाले दिल्ली के ही निर्मल खंडेलवाल ने बीस हजार रुपए का जुर्माना मांगा है और अदालत ने चटवाल को नोटिस जारी कर दिया है। चटवाल पर मुकदमा करने वालों में उनके होटल के महाप्रबंधक राम गुप्ता भी है जिन्होंने 19 अप्रैल 2009 को केरल के एरनाकुलम जिले में रिपोर्ट दर्ज करवाई थी।
दिल्ली के इन सभी व्यापारियों का आरोप है कि चटवाल के कहने पर स्थानीय पुलिस ने उन्हें 12 घंटे से ज्यादा नियंत्रण कक्ष में बिठा कर रखा। उनसे यह भी लिखवाया गया कि उन्होने चटवाल से ज्यादा दाम वसूले हैं और वे मिल कर चटवाल को छह करोड़ रुपए वापस करेंगे। ऐसी हरामखोरी तो डॉन और माफिया भी नहीं करते। जयपुर के दिलीप भंडारी और कोच्ची के के चेरियन ने भी कहा है कि उन्होंने होटल के निर्माण के लिए जो सामान सप्लाई किया था उसकी एक पैसा रकम उन्हें नहीं मिली हैं।