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News Title कला नहीं,जिस्म बिकता है
News Summary

विनय कांत मिश्र।
समाज में सार्थक संदेश देने वाली फिल्मों का दौर लगभग अब समाप्त हो चुका है। अब बॉलीबुड की रंगीन दुनिया में निर्माता गंभीर समस्या प्रधान फिल्मों पर रूपया नहीं लगाते हैं। अभी भी दर्शक के रूप में देश की जनता उन्हीं फिल्मों को पसन्द करती है जिसमें धर्म की कल्पनापरक दुनिया हो अथवा सेक्सुअलिटी य....

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