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News Title तट पर रख कर शंख सीपियां
News Summary

 आलोक तोमर 

प्रभाष जी की किसी शोक-श्रध्दांजलि सभा में, मैं नहीं गया। जाने को उनके पिछले जन्मदिन पर गांधी शांति प्रतिष्ठान भी नहीं जा पाया था और फोन पर उनसे डाट भी सुनी थी मगर शोक सभाओं में तो जानबूझ कर नहीं जा रहा। अब जब प्रभाष जी की अस्थियां गंगा और नर्मदा में विसर्जित हो चुकी हैं तो एक बार फिर मन की बात करने को जी चा....
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